Train Ticket Timing Changed:भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा मानी जाती है। हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं और पहले से टिकट बुक कर अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं। हाल ही में रेलवे ने टिकट बुकिंग और यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं, जिनका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा। इन नए नियमों का उद्देश्य टिकट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना, कालाबाजारी पर रोक लगाना और वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म सीट दिलाना है।
एडवांस रिजर्वेशन अवधि में बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव एडवांस रिजर्वेशन पीरियड यानी अग्रिम बुकिंग अवधि में किया गया है। पहले यात्री यात्रा की तारीख से 120 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि चार महीने पहले टिकट बुक करने की सुविधा का दुरुपयोग हो रहा था। कई लोग बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें रद्द कर देते थे, जिससे सीटें लंबे समय तक ब्लॉक रहती थीं।
नई व्यवस्था के तहत अब केवल वही यात्री पहले से टिकट बुक करेंगे जिन्हें वास्तव में यात्रा करनी है। इससे टिकटों की वास्तविक मांग का आकलन करना आसान होगा और वेटिंग लिस्ट कम होने की संभावना बढ़ेगी। त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यात्रियों को पहले से अधिक सतर्क रहना होगा, क्योंकि 60 दिन की सीमा के कारण बुकिंग शुरू होते ही सीटें तेजी से भर सकती हैं।
कैंसिलेशन और नो-शो यात्रियों पर नियंत्रण
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, पहले बड़ी संख्या में टिकट कैंसिल हो जाते थे और कुछ यात्री टिकट होने के बावजूद यात्रा नहीं करते थे। इससे सीटों का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था और जरूरतमंद यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में कठिनाई होती थी।
नई समय सीमा लागू होने के बाद अनावश्यक बुकिंग में कमी आने की उम्मीद है। जब यात्री कम समय पहले टिकट बुक करेंगे, तो यात्रा रद्द करने की संभावना भी घटेगी। इससे ट्रेन की सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और वेटिंग लिस्ट में शामिल लोगों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
तत्काल टिकट बुकिंग में सख्ती
तत्काल टिकट प्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब तत्काल टिकट बुक करने के लिए आधार कार्ड का होना और उसका मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य किया जा रहा है। टिकट बुकिंग के समय ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जी आईडी, बॉट्स और दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसके अलावा, तत्काल बुकिंग शुरू होने के शुरुआती समय में अधिकृत एजेंटों को टिकट बुक करने से रोका जाएगा ताकि आम यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके। इससे उम्मीद की जा रही है कि वास्तविक यात्रियों को तत्काल कोटे में कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
वेटिंग टिकट और यात्रा नियमों में सख्ती
रेलवे ने वेटिंग टिकट को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है, तो वह आरक्षित स्लीपर या एसी कोच में यात्रा नहीं कर सकता। ऐसा करने पर टिकट जांचकर्ता को कार्रवाई करने का अधिकार होगा। इस कदम का उद्देश्य कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
इसके साथ ही रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में भी बदलाव की योजना बनाई गई है। ट्रेन के प्रस्थान से कई घंटे पहले चार्ट तैयार करने से यात्रियों को समय रहते अपने टिकट की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इससे अंतिम समय की चिंता और भ्रम कम होगा।
किराए में मामूली वृद्धि और सुविधाओं में सुधार
कुछ ट्रेनों के किराए में भी हल्की बढ़ोतरी की गई है। लंबी दूरी की यात्रा पर प्रति किलोमीटर कुछ पैसे का इजाफा किया गया है। रेलवे का कहना है कि अतिरिक्त राजस्व का उपयोग ट्रेनों की सफाई, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और विशेष जरूरत वाले यात्रियों के लिए लोअर बर्थ प्राथमिकता को मजबूत किया गया है। इससे इन यात्रियों को यात्रा के दौरान कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कालाबाजारी पर रोक और पारदर्शिता में बढ़ोतरी
नई बुकिंग सीमा लागू होने से टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पहले कुछ लोग महीनों पहले बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेचते थे। अब कम समय की सीमा के कारण ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण आसान होगा।
रेलवे का मानना है कि जब टिकट केवल वास्तविक जरूरत के आधार पर बुक होंगे, तो पूरी व्यवस्था अधिक संतुलित और पारदर्शी बनेगी। इससे यात्रियों का भरोसा भी मजबूत होगा और ट्रेन यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।
पुराने टिकटों की वैधता और विशेष प्रावधान
यदि किसी यात्री ने पुराने नियम के तहत पहले ही 120 दिन पहले टिकट बुक कर लिया है, तो वह टिकट पूरी तरह से मान्य रहेगा। नए नियम केवल निर्धारित तिथि के बाद की गई बुकिंग पर लागू होंगे। इसलिए पहले से बुक किए गए टिकटों को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
कुछ विशेष श्रेणी की ट्रेनों और विदेशी पर्यटक कोटे में पहले की तरह अलग व्यवस्था जारी रह सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ताजा जानकारी अवश्य जांच लें।
रेलवे द्वारा लागू किए गए ये नए नियम टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। एडवांस बुकिंग अवधि घटाने, तत्काल टिकट में आधार वेरिफिकेशन और वेटिंग टिकट पर सख्ती जैसे बदलावों से वास्तविक यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी। सही जानकारी और समय पर बुकिंग के साथ नई व्यवस्था में भी सुगम यात्रा संभव है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। रेलवे के नियम, किराया और बुकिंग प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। यात्रा या टिकट बुकिंग से पहले भारतीय रेलवे या आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें। लेखक किसी भी प्रकार की त्रुटि या निर्णय से होने वाली हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है।