Gehun Ka Bhav 2026:22 फरवरी 2026 को देश की प्रमुख कृषि मंडियों में गेहूं के दामों में मजबूती देखी गई। इस समय सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं खुले बाजार में गेहूं की कीमतें लगभग 2400 रुपये से 3200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं। पिछले महीने की तुलना में 100 से 160 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और बाजार का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
विभिन्न राज्यों में ताजा गेहूं के भाव
देश के अलग-अलग राज्यों की मंडियों में गेहूं का भाव मजबूत बना हुआ है। प्रमुख भाव इस प्रकार हैं:
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मध्य प्रदेश (इंदौर): लगभग 2700 रुपये प्रति क्विंटल
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उत्तर प्रदेश (रायबरेली): लगभग 2790 रुपये प्रति क्विंटल
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राजस्थान (जोधपुर): 2770 रुपये प्रति क्विंटल
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राजस्थान (अलवर): 2800 रुपये प्रति क्विंटल
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उत्तराखंड (देहरादून): 2750 रुपये प्रति क्विंटल
इन आंकड़ों से साफ दिखाई देता है कि बाजार में मांग बनी हुई है और व्यापारी सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं।
कीमतों में तेजी के कारण
गेहूं के भाव में तेजी के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं:
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सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होना: किसानों का भरोसा बढ़ा है क्योंकि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने का विकल्प उपलब्ध है।
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रबी विपणन सीजन 2026-27: MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल होने से किसानों को न्यूनतम दाम की सुरक्षा मिल रही है।
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खरीद केंद्रों की सक्रियता: कुछ राज्यों में बड़ी संख्या में खरीद केंद्र चालू किए गए हैं, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी हो रही है।
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मौसम और निर्यात मांग: मौसम की अनिश्चितता और निर्यात की बढ़ती मांग ने भी बाजार को सहारा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में गेहूं का भाव 2800 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है।
बिहार और अन्य राज्यों की स्थिति
बिहार की मंडियों में भी गेहूं 2600 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है। वहां समर्थन मूल्य पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह जून तक जारी रहने की संभावना है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी सरकारी खरीद का लाभ मिल रहा है।
किसानों और बाजार पर असर
गेहूं के बढ़ते दाम से किसानों की आमदनी में सुधार हो सकता है। अधिक लाभ मिलने से वे अपनी खेती और घरेलू खर्चों को आसानी से पूरा कर सकते हैं।
हालांकि इसका असर आटा और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, वर्ष 2026 में गेहूं बाजार संतुलित और मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।
इस समय गेहूं का बाजार किसानों के लिए अनुकूल बना हुआ है। MSP की सुरक्षा और बढ़ती मांग के कारण भाव में मजबूती बनी हुई है। किसान अपनी फसल बेचकर अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं।
फिर भी, मंडी भाव समय और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए किसी भी व्यापारिक निर्णय से पहले संबंधित मंडी या सरकारी पोर्टल से ताजा जानकारी लेना आवश्यक है।